शोख़ियाँ ।

शोख़ियाँ कभी, जान लेवा भी हो सकती है,
चाहत जब, औरों के आग़ोश में होती है…!

शोख़ियाँ = नख़रेबाज़ी,नाज़नखरा;
आग़ोश = आलिंगन;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ११ जून २०१६.

shaukiyan

8 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
    • Markand Dave Markand Dave 10/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/09/2016
    • Markand Dave Markand Dave 10/09/2016
    • Markand Dave Markand Dave 10/09/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/09/2016
    • Markand Dave Markand Dave 10/09/2016

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