उदास – शिशिर मधुकर

मेरा दिल जाने आज इतना क्यों उदास सा था
टूटे हुए बदन पे ज्यों ढका गला लिवास सा था

जोश और जुनून में हम सबसे दूर हो गए यारो
याद आता है बहुत रिश्ता वो जो खास सा था

हसरते पूरी हों यही सोच के हम तेरे दर से उठे
दिल का मंजर मगर टूटी हुई एक आस सा था

जिंदगी हमसे ना रूठेगी और खफा नही होगी
जाने क्या सोच कर हमको ये विश्वास सा था

सूनी रातें भी ऐ शिशिर तेरी यहाँ हो सकती है
मुझे धुंधला सा इस बात का एहसास सा था

शिशिर मधुकर

21 Comments

    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/09/2016
  1. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/09/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
    • C.M. Sharma babucm 09/09/2016
      • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/09/2016
  3. C.M. Sharma babucm 09/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/09/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
      • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/09/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
      • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/09/2016
  8. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 10/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/09/2016

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