अन्न की बर्बादी – अनु महेश्वरी

कही कोई भूखा,
कही अन्न की बर्बादी,
समस्या है बड़ी,
सबकी है ज़िम्मेदारी।
न थाली में जूठन छोड़े,
न जरुरत से ज़्यादा खरिदे।

मांग और आपूर्ति का,
बना रहे संतुलन,
अगर जरुरत जितना,
सब ख़रीदे उतना।
महंगाई पे भी रोक लगेगी,
पेट भर खाएंगे सभी।

संसार खूबसूरत होगा,
घर घर अन्न होगा।
भुखमरी बात होगी कल की,
खुशहाल ज़िन्दगी होगी सब की।

‘अनु महेश्वरी ‘
चेन्नई

10 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/09/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 11/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/09/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 11/09/2016
  3. C.M. Sharma babucm 12/09/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/09/2016
  4. Kajalsoni 12/09/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/09/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/09/2016
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 12/09/2016

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