गजल – बी पी शर्मा बिन्दु-

जिंदगी एक मोड़ पर मिलकर विछड़ गई
बात लम्हों के सही अब यूॅ ही सिमट गई।
खुद को किस ओर से पार उतारेंगे साहिल
मेरी कस्ती भंवर में क्यों यूॅ ही उलझ गई।
मंजिलें दिखती नहीं अब इन किनारो पर
क्या सैलाब आया था जो उसे निगल गई।
दिल की हर बात समझना बुरा नहीं होता
चुराके दिल किसी का यूॅ ही निकल गई।
मुमकिन लगता नहीं मिलना मुहब्बत का
ऐ खुदा मुझे बता मेरी मेहबूबा किधर गई।
जिंदगी एक मोड़ पर मिलकर विछड़ गई
बात लम्हों के सही अब यूॅ ही सिमट गई।

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214
Mobile No. 9661065930

10 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 07/09/2016
  2. Kajalsoni 07/09/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 07/09/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 07/09/2016
  5. C.M. Sharma babucm 07/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 10/09/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 10/09/2016

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