आशिकी – बी पी शर्मा बिन्दु

अगर आशिकी में दिल दे दिये तो
समझो की हम भी वफा कर रहे हैं।
गले से लगाना क्यों नफरत को मैनें
न समझा न जाना मुहब्बत को हमनें
नजरों से मेरे गर नजर मिल गये तो
समझो की हम भी वफा कर रहे हैं।
उड गई नींदे और चैन छिन गया है
पतझड के जैसे चमन उजड गया है
फूलों पर जैसे अब भंवरे आ गये तो
समझो की हम भी वफा कर रहे हैं।
अपना बनाके हमको सपना दिखया
बेवफा ने हमको हंसा के रूलाया
भींजे पलको में ऑसू भर गये तो
समझो की हम भी वफा कर रहे हैं।
जुदाई का आलम सहा नहीं जाता
तन्हा ये मन अब रहा नहीं जाता
इश्क में गर कोई खता हो गये तो
समझो की हम भी वफा कर रहे हैं।

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214
Mobile No. 9661065930

8 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 07/09/2016
  2. Kajalsoni 07/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 07/09/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 10/09/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/09/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 10/09/2016

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