कब तक

मान, सम्मान, अधिकार
पाने के लिए
बचाने के लिए
कितने इन्तजार,
कितनी मिन्नते
कितने आरजू
बार-बार
रोज-रोज
कितनी बार
सप्ताहिक
पक्शिक
मासिक
वर्षवार
मान, सम्मान, अधिकार
क्या?
इसपर हक. नही?
कब तक
मिलेगे
वादे
दिलासे
भरोसा
तारीख
इस महीने
कह्कर
ठीक….
अच्छा ठीक…
आबकी बार…
पक्का…
एक्दम पक्का…
निश्चित…
सुनिश्चित…
पर क्या?
आदेश भी निकलते है?
अनुपालन भी होते है?
या,
दुसरो के बात पर
बेवजह मुलकात पर
नियन्त्रण मे रहने वाले लोगो के नियन्त्रण पर
या,
बात टालने के लिए
फिर से भरोसा
दिलासा
तारीख
इस महीने
अगले महीने
ठीक….
अच्छा ठीक…
आबकी बार…
पक्का…
एक्दम पक्का…
निश्चित…
सुनिश्चित…
करते है
सीर्फ बाते
सुबह मे
दोपहर मे
शाम मे
सोचेगे
देखेगे
कल
पर्सो
अगले सप्ताह
अगले माह
मान, सम्मान, अधिकार
पाने के लिए
बचाने के लिए
कितने इन्तजार,
कितनी मिन्नते
कितने आरजू
कब तक…….?

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