आतंकवाद-(2) बी पी शर्मा बिन्दु

एक चुहा से भी बत्तर है आदमी
जानवर मोम तो पत्थर है आदमी
आदमी शीशा है
जो पागल कर देता है आदमी को
और जब टूटता है
तो घायल कर देता है आदमी को
आज जो हो रहा है
सब आदमी ही करता है
और जब वह कुछ करता है
जो मरता है आदमी
इसे आप पहचानेंगे
आदमी यहॉ कौन है जानेंगे
नहीं पहचान सकते आप इसे
आदमी कम आदम ज्यादा है
वह चुपके से मुलाकात करता है
फिर जल्दी ही घात करता है
आदमी मुलाकात मे बात करता है
प्यार करता है
और बात से ही
जिंदगी की बात कर लेता है
बड़ा उदार होता है आदमी
इसकी नियति शीशे की तरह
पारदर्शी होता है
कर्तव्य निष्ठावान
सदाचार का छाप होता है आदमी
परन्तु आज उसके अंदर अहंकार है
और जिसके अंदर अहंकार है
वही आग वही अंगार है
उससे सुलगती है एक ज्वाला और
आदमी बन जाता है जल्लाद
आतंक मचानेवाला
जिसे हम कहते है आतंकवाद।

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214
Mobile No. 9661065930

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 07/09/2016
  2. mani mani 06/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 07/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 07/09/2016

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