बेटी

@@@@@@ बेटी @@@@@@@
हटो दूर हो जावो उदासियों घर मे मेरे मेरी बिटया आयी है।

आहट से ही उसके आने की चारो ओर खुशियां छायी हैं ।
गम को दिखाया है रास्ता दूर की अन्धेरी गलियों का।
घर मे मेरे वो बेशुमार अफझल नियामते लेकर आयी है।
आखों की ठंडक दिल का सुकून मेरा साथ अपने लायी है।
हमदर्दी और प्यार का सागर सीने मे वो छुपाकर लायी है।
ममता करुना की मूरत पाकर अनमोल दौलत मैने पायी है।

हटो दूर हो जावो उदासियों घर मे मेरे मेरी बिटया आयी है।

फुलो से नाजुक परी को चहकने दो अपने आंगन मे।
रोशन करेंगी नाम कुदरत की हर नियामत बेशुमार उसने पायी है ।
कुचल देते है बेरहम लालची कुदरत के अनमोल रतन को।
मजबुर करते है अबला को डायन सी हरकत क़रने को।
अन्धे होजाते है मतलबी भुलकर दुनिया जिसने उन्हे दिखायी है।
मेरे लिए तो बिटया जैसे जन्नत से हूर आयी हुयी है |

हटो दुर होजावो उदासीयों घर मे मेरे मेरी बीटया आयी है।

(आशफाक खोपेकर)
?????????????????????????????????????????????????????????

10 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/09/2016
  2. babucm babucm 05/09/2016
  3. ashfaque khopekar 05/09/2016
    • babucm babucm 05/09/2016
  4. Kajalsoni 05/09/2016
  5. Uttam Uttam 05/09/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/09/2016

Leave a Reply