बहर…..सी. एम्. शर्मा (बब्बू) …

ग़ज़ल में बहर का प्रयोग होता है….कोई बहर १७-१९ प्रचलित लेता कोई ३२ कोई उनसे भी ऊपर….लेकिन ये रुकन ७-९ के बीच लेते हैं या उसके ऊपर नीचे और उपरुकन हैं उनके….जो मैं आज तक समझा हूँ…किसी से…नेट से…या वैसे….मेरा सीधा…साधारण सा सवाल है सब गुणीजन से…

१. क्या रुकन प्रचलित बहर से पहले ग़ज़ल नहीं लिखी जाती थी ?
२. एक रुकन कोई भी लीजे सिर्फ एक उदाहरण रूप में है, मान लो ऐसे दिया है 11212×4 क्या मैं इसे सिर्फ 4 बार ही प्रयोग कर सकता अपने शेर में ? अगर ज्यादा कर सकता तो वही क्रम रहेगा या कुछ और ? अगर नहीं तो मानलो मैंने उस से बड़े बहर की ग़ज़ल लिखनी तो कैसे लिखूंगा?

सब गुणीजनों से करबद्ध प्रार्थना है….कृपया मेरी धृष्टता ना समझ कर मेरी जिज्ञासा समझा जाए…. और बहर के नाम…प्रकार मत दीजे… जो सवाल हैं बस उनका जवाब….कृपया…
बहुत बहुत आभार सब का………..

मेरे नेट प्रॉब्लम है….अगर मैं किसी को प्रतिकिर्या नहीं दे पा रहा किसी की रचना पे तो कृपया उसे अन्यथा ना लें….

7 Comments

  1. Kajalsoni 05/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/09/2016
  3. C.M. Sharma babucm 05/09/2016
  4. C.M. Sharma babucm 05/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/09/2016
      • C.M. Sharma babucm 06/09/2016

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