गुनाह

sheetgunaah
नादानी में ही सही, अनजाने में ही सही,
हम एक गुनाह कर बैठे, आपसे दिल लगा बैठे,
नासमझ था, बेचारा दिल ही तो था,
आप क्यूँ भला हमारा दिल तोड़ बैठे,
सुना बहुत था बहुतो से, आप दिल तोड़ने का शौक रखते है,
फिर कैसे दिल के टुकडो से, अपना ही हाँथ काट बैठे,
दिल लगाने की सजा दे दी होती हमे, आप फिर क्यूँ ये गुनाह कर बैठे….
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शीतलेश थुल !!

14 Comments

    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 03/09/2016
  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 03/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 03/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 07/09/2016
  3. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 07/09/2016
  4. babucm C.m sharma(babbu) 04/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 07/09/2016
  5. B.K. Sharma 11/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 12/09/2016

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