प्यार की मंजिल – बी पी शर्मा बिन्दु

चल कहीं चलते हैं दूर इस तरह के जमानंे से वक्त और बुरा आ जायेगा ज्यदा वक्त गॅवाने से।

म्ंाजिल दूर नहीं पर काॅटे बहुत है इन राहों में
हौसला बुलंद है इस तरह और प्यार जगाने में।

बेबुनियाद सपनें-ख्वाबों में जीना कोई जिंदगी नहीं
मजा आ जाएगा अब अपना छोटा सा घर बसाने में।

फरेबी गिरगिट की तरह रंग बदलते है अपनें आप
तेवर इनका और बदल जाएगा इन्हें और जलाने में।

कायरों की तरह चुप-चाप मुश्किलें झेलोगे कब तक
दम लगाकर इस तरह से क्या जीना अब ताने में।

तौवा जो करते थे हमसे आज उसी ने प्यार किया
तीर वहीं लगी जहाॅ पर दुश्मन थे खड़े निशाने में।

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

10 Comments

  1. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
  3. babucm babucm 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/09/2016
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 03/09/2016

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