अलविदा – बी पी शर्मा बिन्दु

आज ही मिले
और आज ही विदा हो गए।
सहनाई बजी
आज ही अलविदा कह गए।
ड़ोली उठी थी उनकी
ढेर सारे अरमान जगे थे
आज ही बरात लौटी
और आज ही जूदा हो गए।
सुहाग रात
फूलों की सेज
प्यार के दो पल
दो फूल
एक गुलदस्ते में
दीदार भर हुआ
वसंत एका एक
पतझड़ में बदला।
बुलावा फौज से आया
चले गये बिदा होकर
रिस्तें-नातो से दूर
और फिर पाॅचवे दिन
खबर आयी।
शहीद हो गये
कर्नल रघुवीर
अपने वतन के लिए
पतन हो गया उनका शरीर
सदा के लिए
मिट्टी में मिलकर
ढ़ेर सी हो गई।
और फिर शेष रह गया
याद दिलाने वाला
उनका मेडल।
माॅ रोते-रोते
हो गई पागल
बूढ़े बाप की
लाठी गुम हो गई।
नवेली दुल्हन
घूंघट में
चित्कार से रोई
सारे संजोय सपने
एक-एक कर विखर गये।
विरह-वेदना
जिंदगी की ड़ोर
सारे के सारे लहु-लुहान होकर
विरान हो गया।
दो पल का सुख
आॅचल में समेटकर
पत्थर दिल
पत्थर ही बन गयी।
अब न अरमान जिंदा है
न सपने सांस लेते हंै।
वो रंग-उमंग शहनाई
बस याद है
उस ड़ोली की
पल भर की मुलाकात
दर्शन
और एक दर्शन
दर्द दे गया।
कभी न ठीक होने वाला
एक घाव
पल पल तड़पा देने वाला
एक टीस
एक तड़पन
और एक बेचैनी।

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

11 Comments

  1. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
  3. babucm babucm 02/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 02/09/2016

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