“प्रियतमा”…… काजल सोनी

दिलबर, हमदम, हमनशी,
मेरी प्रियतमा हो तुम ।
बिखेर देते जो नब्ज मेरे,
मोहब्बत की अनोखी अदा हो तुम ।

बेशक तुमसे जी रहा हूं मैं ,
ए नाजनीन मैं तुझपे हूं कायल,
तेरी सुलझी जुल्फों में उलझा,
नफरतों का जहर भी पी रहा हूँ मैं।

मदहोश करती हर अदा तुम्हारी,
दर्द देती हुई , दिल की एक सजा हो तुम,
बड़े नशीबो से मिली हो तुम ,
एक रौशनी, वो प्रियतमा हो तुम ।।

“काजल सोनी “

20 Comments

  1. mani mani 03/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
  3. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
  5. shrija kumari shrija kumari 03/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
  6. babucm Cm sharma (babbu) 04/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
  7. डॉ. विवेक vivekvictor 04/09/2016
    • Kajalsoni 04/09/2016
  8. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/09/2016
  9. Kajalsoni 04/09/2016

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