क्या मिला मुझे

क्या मिला मुझे इतनी मोहब्बतों के बाद
हाथ खाली ही रहे इबादतों के बाद।

वो लोग जो पास से उठते नहीं थे कभी
मिलने आये मुझसे कई मुद्दतों के बाद।

बस इतना सा कहकर वो आगे बढ़ गया
एक और रास्ता है कई रास्तों के बाद।

अपने दिल में रोज़ सुनता हूँ ख़ामोशी का शोर
और क्या सुनाई दे इतनी शिकायतों के बाद।

ये मौत भी मेरी किसी के काम ना आयी
एक आफ़त और मिली कई आफ़तों के बाद।

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/08/2016
  2. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 01/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 01/09/2016
  4. babucm babucm 01/09/2016

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