मुकद्दर

जिंदगी तो सख्त राहों का,
सफर लगता है।
ख़ामोशी की क्यारियों में डुबा,
मंजर लगता है।
मगर,ऐ-खुदा जबसे किए सजदे,
हमने तेरी पनाहों में।
अबतो आसमां से भी ऊॅचा,
अपना मुकद्दर लगता है।।
मुकद्दर लगता ••••

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/08/2016
    • Rosy Kumar 31/08/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/08/2016
    • Rosy Kumar 31/08/2016
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 01/09/2016
    • Rosy Kumar 01/09/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 01/09/2016
    • Rosy Kumar 01/09/2016
  5. babucm babucm 01/09/2016
    • Rosy Kumar 01/09/2016
    • Rosy Kumar 01/09/2016

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