अधूरे प्रेम का किस्सा …….ललित

एक एहसास बनकर के मेरे ख्वाबों में आ जाना |
ख़ुशी पलभर की सही मुझे तुम आज दे जाना ||

ये दिल है मेरा जिसको तुम किराये का घर समझते हो |
एक पल को ठहरते हो फिर वापिस लौट जाते हो ||

कुछ देर रुक जाओ तो तुम्हे मालूम पद जाये |
जो सबसे हंस के मिलता है वो कोई और होता है ||

जिन्हें मिल जाती मोहब्बत है उन्हें सब भूल जाते है |
जो किस्से अधूरे है वो सबको याद रहते है ||

जो मिल जाये मोहब्बत तो वो एहसास बन जाये |
जो रह जाती अधूरी है वो इतिहास बन जाये ||

लैला ,मंजनू,हीर ,राँझा भूल जाये पर |
उन्हें कैसे भुलाये जो सबको याद रहते है ||

अधूरे प्रेम का पूंछे अगर किस्सा कोई मुझसे |
मेरे होंठों पे पहला नाम राधे -श्याम आ जाये ||

लेखक -ललित कारपेंटर

2 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 01/09/2016
  2. C.M. Sharma babucm 01/09/2016

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