लाठी – बी पी शर्मा बिन्दु

जिसकी लाठी उसकी हार लाठी हो गई अब लाचार
तूती बोलती थी जो पहले बिल्कुल हो गई अब बेकार।

लाठी का युग था ही ऐसा जिधर लाठी उधर ही पैसा
स्वारथ के बल उठी थी लाठी देख लिया लाठी संहार
जिसकी लाठी उसकी हार लाठी हो गई अब लाचार।

सत्य.धर्म पर अवला असमर्थ पर जब चली थी लाठी
बेईमानी में ये सबसे आगे रहे चाहे कोई भी सरकार
जिसकी लाठी उसकी हार लाठी हो गई अब लाचार।

लाठी से कीला जीत लिए लाठी से शीला जीत लिये
छल कपट लाठी में ऐसी देख के अब लगता बूखार
जिसकी लाठी उसकी हार लाठी हो गई अब लाचार।

ज्ञान की गंगा से नहलाएॅ लाठी के अवगुण पहचानें
लाठी को अब करना क्या है देख लिया लाठी उपहार
जिसकी लाठी उसकी हार लाठी हो गई अब लाचार ।

लाठी से तूॅ अब न डरना बुद्धिबल से काम तूॅ करना
अब लाठी का छोड भरोसा कर भाई जन जन से प्यार
जिसकी लाठी उसकी हार लाठी हो गई अब लाचार।

बूढा जब जीवन से हारा लाठी उनका बना सहारा
जीवन साथी यही है उनका देख लिया यही संसार
जिसकी लाठी उसकी हार लाठी हो गई अब लाचार।

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

6 Comments

    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 31/08/2016
  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 31/08/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 31/08/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 01/09/2016

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