एक नए युग का “आरम्भ “

क्या लिखूं इस आज़ादी पर???
गुजरे 70 साल लिखूं , या एक नया आरम्भ लिखूं |
बीता हुआ इतिहास लिखूं ,या आने वाला वक़्त लिखूं ||
हालातों पर अफ़सोस लिखूं ,या एक नयी उम्मीद लिखूं |
होता भ्रष्टाचार लिखूं , या आगें बढ़ता देश लिखूं ||

क्या लिखूं इस आज़ादी पर???
दंगों में मारे गए मासूम लिखूं ,या अमन का एक पैगाम लिखूं |
भूखा मरता किसान लिखूं ,या शिक्षित होता देश लिखूं ||
लिखूं किसी को हिन्दू – मुस्लिम ,या सबको इंसान लिखूं |
शहीदों की क़ुरबानी लिखूं ,या एक नया इंक़लाब लिखूं ||

क्या लिखूं इस आज़ादी पर???
लिखूं बहुत कुछ पर दिल कहता है ,एक नए युग का “आरम्भ ” लिखूं|
आरम्भ लिखूं एक ऐसे युग का, जिसका न कोई अंत लिखूं ||
युवाओं के दिलों में जलती आग से एक नया हिंदुस्तान लिखूं |
इस आज़ादी पर एक नए युग का “आरम्भ ” लिखूं ||
बस आरम्भ लिखूं ,आरम्भ लिखूं एक नए युग का “आरम्भ” लिखूं ||

लेखक -ललित

9 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/08/2016
    • writerlalit writerlalit 31/08/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 31/08/2016
    • writerlalit writerlalit 31/08/2016
    • writerlalit writerlalit 31/08/2016
    • writerlalit writerlalit 31/08/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/08/2016

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