मौत एक सच्चाई

मौत है एक कड़वी सच्चाई l
जिंदगी जिसे झुठला न पाई ll
मौत एक न एक दिन आयेगी l
अपनी आगोश में सुलायेगी ll

खाली हाथ तू आया प्राणी l
खाली हाथ, लौट जायेगा l
कर्म ही तेरे साथ जायेंगे l
सब कुछ यही रह जायेगा ll

रिश्ते नाते सब मोह माया l
सब छोड़ तू चला जायेगा l
सांसो की टूटती डोरी को l
पैसो से ना खरीद पायेगा ll

पहनते थे बेशक बांडेड कपड़े l
पर कफ़न का कोई ब्रांड नहीं l
टूट जाये कब सांसो की डोरी l
इसका किसी को ज्ञान नहीं ll

हाथों की है हम कठपुतली l
भ्रम का फैला है मायाजाल l
ज्ञान का दीप जलाकर देखो l
छूट जायेगा मोह का जंजाल ll

ये शरीर हमारा नश्वर है l
मिट्टी मे ये मिल जायेगा l
सिर्फ राम नाम ही सत्य है l
अंत ,मुख पर यही आयेगा ll

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7 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2016
  2. C.M. Sharma babucm 30/08/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/08/2016
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016

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