कृष्ण भगवान का जन्म

घनघोर बादल घिरे हुए थे,
चारों ओर अँधियारा था,
भाद्रपक्ष की अष्टमी थी,
जन्म कृष्ण का होने वाला था,
चमत्कार यकायक होने लगा,
मथुरा का मंजर निराला था,
सात जेल के खुल गए ताले,
चिरनिद्रा में द्वारपाल थे सारे,
देवकी वासुदेव की बेड़ियों के खुल गए ताले,
भगवान विष्णु के अवतार रूप में,
जन्मे प्यारे कृष्ण हमारे,
टोकरी में रखा कृष्णा को,
वासुदेव पहुंचे मथुरा के द्वारे,
पहुँचाना था कृष्णा को गोकुल,
शीघ्र वहाँ पहुंचने को थे वो व्याकुल,
तूफ़ान भयंकर उठा हुआ था,
वारिश से रास्ता तंग बहुत था,
शेषनाग ने अपने फ़न को फहलाया,
और भीगने से कृष्ण को बचाया,
गोकुल पहुंचे, वासुदेव जब
सोये हुए थे, सब वहाँ पर,
यशोदा के पास सुलाकर कान्हा को
चुपचाप वासुदेव वापस आये मथुरा को,
इस तरह जन्मे कृष्ण देवकी की कोख से,
पर यशोदा माँ के लाल कहलाये,
यशोदा माँ के लाल कहलाये।।
By:Dr Swati Gupta

16 Comments

  1. shrija kumari shrija kumari 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016
  2. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016
  3. C.M. Sharma babucm 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016
  4. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 30/08/2016

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