शहद और फूल ।

क्या मिलाओगे, मिल गया ज्यों मैं, शहद और फूल,
क्या मिटाओगे, बस गया ज्यों मैं, रग-रग में ख़ून..!

शहद-फूल = फूल में छिपा मधु;
रग-रग में ख़ून = नसों में दौड़ता रक़्त;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १६ जुलाई २०१६.

SHAHAD AUR PHOOL

6 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 30/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 31/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 31/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 31/08/2016

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