IBN

न गुरूर कर अपने हुस्न पे “ऐ – जानीब”
हम सुरत की नहीं सीरत की चाह रखते हैं…

… इंदर भोले नाथ…

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/08/2016

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