“मेरी तन्हाई”…. काजल सोनी

यु मदहोश तेरे आंगन में
चला आऊंगा मैं,
सब्र नहीं अब तो इंतिहा में,
कहने की ख्वाहिश नहीं,
कुछ भी ,
बस मुस्कुरा कर यु ही,
लौट जाऊंगा मैं ।

गर दे सका तुझे ,
तो जमाने की खुशियां ,
तेरे दामन तले,
छोड़ आऊंगा मैं ।
मिली है जिंदगी संग जीने को,
जुदा होकर भी,
न भुल पाऊंगा मैं ।

न चाहे गर तु मुझे,
तो सच कहता हूँ ,
निगाहें न मिलाऊंगा मैं ।
न रह सका बिन तेरे,
तो दूर जाकर भी ,
पास आ जाऊंगा मैं ।।

“काजल सोनी ”

7 Comments

  1. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 29/08/2016
  2. babucm babucm 29/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/08/2016
  4. mani mani 29/08/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/08/2016

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