कल आज और कल – अनु महेश्वरी

आज तुम जहाँ हो,
कल हम वहाँ थे।
हम भी ऐसे ही सोचते थे,
जैसे तुम आज सोचते हो।

हमारे माता पिता कल वहाँ थे,
आज जहाँ हम है।
वो भी ऐसे ही बोलते थे,
जैसे अब हम बोल रहे।

कल तुम वहाँ होओगे,
जहाँ हम आज है।
तुम भी ऐसे ही बोलोगे,
जैसे हम अब बोल रहे।

संसार रूपी ये चक्र ,
अनादि काल से ,
ऐसे ही चलता आरहा है,
और चलता रहेगा,
कल आज और कल में,
यूँही बहसे होती रहेगी।

‘अनु महेश्वरी’
चेन्नई

16 Comments

    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/08/2016
  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 31/08/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/08/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/08/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/08/2016
  3. C.M. Sharma babucm 31/08/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/08/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/08/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/08/2016
  5. Manjusha Manjusha 31/08/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/08/2016
  6. कुशवाह विकास कुशवाह विकास 31/08/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/09/2016