लापता………………..मनिंदर सिंह “मनी”

अभी कुछ दिन पहले हुआ था उद्घाटन,
तारीफ कर रहे थे नेता अपनी दनादन,
आज जाने कैसे सब कुछ लापता हो गया,
कुछ दिनों में ही सारा पुल ढेरी हो गया,,

टेंडर लेने के लिए हज़ारो की भीड़ उमड़ी थी,
मिला उसे टेंडर जिसने दी ज्यादा दमड़ी थी,,
कर दिया रेत, सीमेंट, सरिए में ऊपर नीचे,
बॉट ढेरो पैसा, ठेकेदार नोट ही नोट खींचे,,

पर उनका क्या जिनके बच्चे लापता हो गए,
नन्ही सी उम्र में मासूम बच्चे अनाथ हो गए,,
बदहवास हुई माये, औलाद के गम में,
स्कूल गया बच्चा जी रहा बाप इसी भ्र्म में,

अपने मुह मिया मिठू बने मिलते नहीं अब,
हम तो देश में नहीं थे उद्घाटन हुआ जब,,
लगता है विरोधी पार्टी की कोई नयी चाल है,
कह रहे नेता जी, बेवजह उठ रहा बवाल है,,

जाँच कमेटी बैठेगी, कड़ी से कड़ी जाँच होगी,
जिसने किया ऐसा कर्म उसे सजा जरूर होगी,,
बैठ गयी जाँच कमेटी, फाइले लापता होने लगी,
दिया किसको था टेंडर, खोज सब होने लगी,,

धीरे धीरे एक लंबी सी लिस्ट तैयार होने लगी,
मीडिया, अखबारों में आग सी बन दिखने लगी,,
लगने लगा इस बार कुछ नया इतिहास बनेगा,
लापता हुए जो लोग अपनों से उन्हें इंसाफ मिलेगा,,

हर साल कितने पुल टूटते, सड़के टूटती,
कोई सबूत ना गवाही भरता कोई इस लूट की,
पर हर साल लापता हो जाती हज़ारो की तादात,
कोई खो बैठता अपने अंग, कोई बन जाता लाश,

ना फाइले मिलती है ना टेंडर देने और लेने वाले,
ना दिखते वो पत्रकार जो थे सच को सामने लाने वाले,,
इन्साफ की उम्मीद छोड़ बैठे हैं अपनों की खोने वाले,,

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/08/2016
    • mani mani 29/08/2016
  2. C.M. Sharma babucm 29/08/2016
    • mani mani 29/08/2016
  3. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 29/08/2016
    • mani mani 29/08/2016
  4. shrija kumari shrija kumari 29/08/2016
    • mani mani 31/08/2016
    • mani mani 31/08/2016
  5. Kajalsoni 29/08/2016
    • mani mani 31/08/2016

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