सीखने की चाह……………मनिंदर सिंह “मनी”

सीखने की चाह है मुझे,
सीखना बस सीखना है मुझे,
ना डराओ मुझे, गिरने से,
गिरने-संम्भलने का शौक है मुझे,
कह दो तुफानो से,
लौट जाये अपने घरो को,
तेज़ हवाओ के मुख,
मोड़ने का शौक है मुझे,
मेहनत की आग में,
तपकर कुंदन सा बनना है मुझे,
करोडो की भीड़ में,
सबसे अलग सा दिखना है मुझे,
दिल को डुबो दू मैं,
हार के गम में,
इतना कमजोर ना समझो मुझे,
जीवन के संघर्ष में,
खुद को खाक कर,
ऐ “मनी” मुझे फिर से,
गुलगुलज़ार होना है मुझे,

23 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/08/2016
    • mani mani 22/08/2016
  2. babucm C.m sharma(babbu) 21/08/2016
    • mani mani 22/08/2016
  3. aadita 21/08/2016
    • mani mani 22/08/2016
  4. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 21/08/2016
    • mani mani 22/08/2016
    • mani mani 22/08/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 22/08/2016
    • mani mani 22/08/2016
  6. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 22/08/2016
    • mani mani 24/08/2016
  7. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 22/08/2016
    • mani mani 24/08/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/08/2016
    • mani mani 24/08/2016
  9. Er Anand Sagar Pandey 24/08/2016
    • mani mani 25/08/2016
  10. Rinki Raut Rinki Raut 25/08/2016
  11. mani mani 25/08/2016

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