बारिश में तेरा साथ | अभिषेक कुमार अम्बर

“मुक्तक”
बारिश में तेरा साथ हो तो बात ओर है,
पानी की बूंदे करती हैं ये कैसा शोर है।
अम्बर हवाओं में है नशा कैसा आजकल,
न दिल ही मेरे काबू में न मन पे जोर है।
©अभिषेक कुमार अम्बर