तेरे दीदार के लिए – ग़ज़ल – सर्वजीत सिंह

तेरे दीदार के लिए – ग़ज़ल – सर्वजीत सिंह

तेरे दीदार के लिए

बेचैन रहता हूँ मैं तो हर पल बस तेरे दीदार के लिए
खुदा से करता हूँ मैं इबादत बस अपने प्यार के लिए

सुबह से ही करता रहता हूँ इंतज़ार बस तेरे आने का
तेरी मोहब्बत ही तो दवा है इस दिल-ए-बीमार के लिए

ख़्वाबों में ही आओ बस आती ही रहो मिलना जरूरी है
सब्र कहाँ से लाऊं तड़पते हुए दिल का इंतज़ार के लिए

दिल की ये ख्वाइश है तेरे संग गुज़ारें खुशनुमा ज़िन्दगी
गुज़ारिश है इक बार आ जा मोहब्बत के इकरार के लिए

ज़िन्दगी तो जन्नत से भी हसीं हो जाएगी अगर तू हाँ कर दे
वरना भटकता रहेगा सर्वजीत तेरी मोहब्बत के इज़हार के लिए

सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

16 Comments

  1. babucm babucm 20/08/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 20/08/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 20/08/2016
  2. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 20/08/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 20/08/2016
  3. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 20/08/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 20/08/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/08/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 20/08/2016
  5. mani mani 20/08/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 20/08/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 20/08/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 20/08/2016
  8. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 21/08/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 21/08/2016

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