मुस्कान – रक्षा बंधन……सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

सुबह सुबह मैंने एक नन्ही सी परी को देखा….
बहुत सुन्दर सी फ्रॉक पहने झूम रही थी…
फुदक रही थी जैसे प्यारी सी चिड़िया….
जब वो झूमती उसकी फ्रॉक भी उसके साथ झूमती….
छतरी सी बन…..
जिसको देख वो खुश हो रही थी…
और मैं उसकी ख़ुशी से आनंदित….
मंत्रमुगध हो उसे देखे जा रहा था….
बस एक ही बात मुझे अटपटी सी लगी…
उसके ऊंचे से सैंडल….वो एक दो बार लड़खड़ाई….
मेरा मन धक् से रह गया कि कहीं चोट न लगे…
पर वह संभल जाती फिर झूमती….
मुझसे रहा नहीं गया पूछ ही लिया….
“बेटा तुम इतने प्यारे लग रहे हो….यह सैंडल तकलीफ नहीं देते”…
“नहीं तो”…..
“किस लिए पहने इतने ऊंचे यह सैंडल”…
“भईया मुझे छोटी कहता है…मैं बड़ी दिखना चाहती आज”….
यह कहते उसके कोमल चेहरे पे इतनी प्यारी मनमोहक सी जो मुस्कान आयी…
यूं लगा जैसे वो मेरे “मोहन” की मासूम सी मुस्कान हो…..
मेरी आत्मा को उसने आनंद से अजीब से प्यार से भर दिया….
इतना अनमोल….प्रकिर्तिक….अदभुत…मनोहारी….

पर क्या हम ऐसा आनंद पा सकेंगे आने वाले समय में…
हम भ्रूण हत्या किये जा रहे हैं….
कहाँ से पाएंगे यह आनंद…
यह पवित्र प्यार भरा रक्षा बंधन कैसे मनाएंगे…
ऐसी मुस्कान जो बिन मांगे आनंदविभोर कर दे…..
कहाँ से लाएंगे…
क्यूँ नहीं जाग रहे हम …
क्यूँ हम अपने सुनहरे भविष्य को ख़तम कर रहे….
आखिर क्यूँ…..
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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू) – रक्षा बंधन की हार्दिक शुभ कामनाएं….

18 Comments

  1. anoop mishra anoop mishra 18/08/2016
    • babucm babucm 18/08/2016
  2. mani mani 18/08/2016
    • babucm babucm 18/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/08/2016
    • babucm babucm 19/08/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 18/08/2016
    • babucm babucm 19/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/08/2016
    • babucm babucm 19/08/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 18/08/2016
    • babucm babucm 19/08/2016
    • babucm babucm 19/08/2016
    • babucm babucm 19/08/2016
  7. Er Anand Sagar Pandey 19/08/2016
    • babucm babucm 19/08/2016

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