तिरंगा तेरी चमक पर साये है

Bharat-QDMata-1
तिरंगा तेरी चमक पर साये है
जब नमकहराम देश में आए है
आज उठा फिर दर्द मिले घावों का
हुआ था खाका खाक जब बटे थे भारत पाक
अंग भंग आजादी की जंग
शहीद-ए-आजम तेरी शहीदी का रंग
पड गया फीका ,जब गीत द्रोह के गाए है
तिरंगा तेरी चमक पर साये है

क्या हुआ असर गांधी तेरे सबक का
पड गया स्वाद फीका दाण्डी तेरे नमक का
देख न पाते आप ये शर्मनाक मंजर
भारत मां की पीठ में देशद्रोह का खंजर
आज दिल्ली में है ये हल्ला
भारत तेरे टुकडे होंगे इन्शाअल्ला-इन्शाअल्ला
किया है ये जिसने भी नहीं कोई पराये है
तिरंगा तेरी चमक पर साये है

खुदे घावों को भर दिया नमक से
क्या मेहरूम होगा तिरंगा अपनी चमक से
अखंडता की चमक तिरंगे के संग रहेगी
उनकी हिम्मत कैसे होती है यह कहने की
भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी- जंग रहेगी
हे मां भूमि ये तूने कैसे कटीले झाड उगाये है
तिरंगा तेरी चमक पर साये है

ग्रहों की बदली चाल जो उठा दिल्ली में भूचाल
क्या नहीं रंग रुधिर का लाल
भारत मां की कोख ने कोटिक वीर जाये है
दुश्मन की संगीनों के बारूद हमने सीने पर खाये है
सियाचीन की सर्दी में लोहे के चने चबाये है
क्या आपको फिर भी लगता है
तिरंगा की चमक पर साये है

WRITTEN BY BHANU PRATAP ‘BADRANG’

8 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 17/08/2016
    • भानु प्रताप भानु प्रताप 18/08/2016
  2. babucm babucm 17/08/2016
  3. mani mani 17/08/2016
  4. Kajalsoni 17/08/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/08/2016
    • भानु प्रताप भानु प्रताप 18/08/2016

Leave a Reply