मुझको हँसा लो तुम – शिशिर मधुकर

मुझे कुछ इस तरह बस अपनी सांसो में बसा लो तुम
जिस पल भी मेरी याद आए मुझको पास पा लो तुम

तुम्हारे मन की हर एक बात को मैं फ़िर जान जाऊँगा
नहीँ बच पाएगा सुख दुख कोई जिसको छुपा लो तुम

मुद्दते हों गई जब हँसते थे हम इस तंगदिल ज़माने में
चलो फ़िर तुमको हँसा लू मैं और मुझको हँसा लो तुम

अगर दिल को दुखाते हैं ये सब अपने और पराए लोग
झूठे रिश्तों की हर सच्चाई को मिलकर निभा लो तुम

मुहब्बत जिसकी आदत हों उसका क्या करें मधुकर
नही बदलेगा वो फ़िर दुनियाँ सताए या सता लो तुम

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. mani mani 15/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/08/2016
  2. babucm C.m sharma(babbu) 15/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/08/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/08/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/08/2016
  6. Kajalsoni 16/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/08/2016
  7. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 16/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/08/2016

Leave a Reply