गुजर रही है जिन्दगी

गुजर रही है जिन्दगी, वो ठहरा हुआ है

जो कुछ हो चुका था, फिर हो रहा है
और पागल अभी तक सो रहा है
उठने का मन नहीं है, तो मत उठ
गलती भी करता है, और रो भी रहा है

वक्त के मरहम से ज़ख्म और गहरा हुआ है
गुजर रही है जिन्दगी, वो ठहरा हुआ है

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  1. C.M. Sharma C.m sharma(babbu) 15/08/2016

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