जश्न-ए-आजादी में “इन भारतीयों” को न भूलना…

यहाँ जिस्म ढकने की जद्दोजहद में…
मरते हैं लाखों..कफ़न सीते सीते…
जरा गौर से उनके चेहरों को देखो…
हँसते हैं कैसे जहर पीते पीते…

वो अपने हक से मुखातिब नहीं हैं…
नहीं बात ऐसी जरा भी नहीं है…
उन्हें ऐसे जीने की आदत पड़ी है…
यहाँ जिन्दगी सौ बरस जीते जीते…

कल देश में हर जगह जश्न होगा…
वादे तुम्हारे समां बांध देंगे…
मगर मुफलिसों की बड़ी भीड़ कल भी…
खड़ी ही रहेगी तपन सहते सहते…

-सोनित

20 Comments

  1. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 14/08/2016
  2. vijaykr811 vijaykr811 14/08/2016
  3. mani mani 14/08/2016
    • सोनित 15/08/2016
  4. Er Anand Sagar Pandey 14/08/2016
    • सोनित 15/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/08/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/08/2016
    • सोनित 15/08/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/08/2016
    • सोनित 15/08/2016
  8. sarvajit singh sarvajit singh 14/08/2016
    • सोनित 15/08/2016
  9. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 14/08/2016
  10. सोनित 15/08/2016

Leave a Reply