नज़र ।

खार भरी राहों से आया, जब गुलों के नगर में,
भर गए छाले, ख़ुशबू भरे गुलों की नज़र से…!

खार = क्षार, रण;
छाले = पाँव के फफोले;
गुल = फूल;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १२ अगस्त २०१६.

NAZAR

4 Comments

  1. mani mani 14/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 15/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 15/08/2016

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