ऐ भारत तेरी खातिर

ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।
आँख जो तुझपे उठी तो, हम दुश्मन को मिटा देंगे ।।
ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

वतन हम तेरे दीवाने, तुझपे सबकुछ लूटा देंगे ।
शाख पे जो आंच आई तो, हम शीश कटा देंगे ।।
ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

जिसने तेरा साथ निभाया, उसपे प्यार लूटा देंगे ।
बदले अहसान के उसके, हम पलकें बिछा देंगें ।।
ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

जिसने तेरा मान घटाया, हम उसको मिटा देंगे।
बदले अपमान के उसके, हम लाशें बिछा देंगे ।।
ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

शिक्षा है तेरी खेती, हम दुनिया में बता देंगे।
माटी है तेरी महकती, हम दुनिया में जता देंगे ।।
ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

ऐ वतन तेरी शान क्या है, दुनिया को दिखा देंगें ।
तेरी खातिर जान क्या है, मालों दौलत लूटा देंगे ।।
ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

एक “आबिद” तू ही क्या, हर ओर दीवाने दिखा देंगे ।
फ़िदा तुझपे जिंदगी क्या, खुदको दीवाना बना देंगें।।
ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

6 Comments

  1. babucm babucm 24/11/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/11/2016
  3. mani mani 24/11/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/11/2016

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