तेरे प्यार को बिंदिया मैं बनाऊँ,,,,

तेरे प्यार को बिंदिया
मैं बनाऊँ ,
बन दुल्हन तेरी
माथे पे सजाऊँ ,
चमकते हैं जैसे आकाश में ये
सितारे,
वैसे ही चमकती ये मुखड़े पे
हमारे,
नज़र जो पड़े तेरी मुझपे
सनम,
तेरी नज़रों का मुझपे
असर मैं दिखाऊँ
तेरे प्यार को बिंदिया
मैं बनाऊँ
बन दुल्हन तेरी
माथे पर सजाऊँ,,,,,,,

तेरी बाँहें है अब मेरी दुनिया
सनम,
मेरी राहें हैं वो जहाँ तेरे
कदम,
राहों में कदम जो तेरे थकने
लगे,
तेरे क़दमों तले अपना
आँचल मैं बिछाऊँ,
तेरे प्यार को बिंदिया
मैं बनाऊँ
बन दुल्हन तेरी
माथे पर सजाऊँ,,,,,

साथ तेरे चलूँगी हमेशा
हो जैसा भी अब
जीवन का सफर,
साँसों की डोर बाँधी है तुझसे
बन गई हूँ मैं
तेरी हमसफ़र ,
तेरे सज़दे में झुकाके सर
अब तुझको ही अपना
खुदा मैं बनाऊँ,
तेरे प्यार को बिंदिया
मैं बनाऊँ,
बन दुल्हन तेरी
माथे पर सजाऊँ……….।।।।

सीमा “अपराजिता “

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  3. सीमा वर्मा सीमा "अपराजिता " 14/08/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/08/2016

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