इंतजार – गोकुल चन्द्र उपाध्याय

यूँ तन्हा अकेले जिए जा रहा हूँ
है इंतजार…………. है इंतजार
जज्बातों को अपने सिमेटे जा रहा हूँ
है इंतजार…………. है इंतजार

जबसे है देखा तुझे
थम सा गया हु मैं
होंठों को करना है इजहार
दिल को बस तेरा ही इंतजार

करू मैं तुझसे ही प्यार
है तेरा ही इंतजार
आजा तू अब मेरे पास
है तेरा इन्तेजार……बस इंतजार……

मेरे इश्क का तू है ज़ुनून,
मेरी रात का तू ही नशा,
तू है मेरी अधूरी रज़ा,
तुझसे है मेरी इल्तिज़ा,
आ भी जा… अब तू
है तेरा इन्तेजार……बस इंतजार……

6 Comments

  1. mani mani 13/08/2016
  2. gokul72525 gokul72525 13/08/2016
  3. gokul72525 gokul72525 13/08/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/08/2016
  5. saurabh gangwar 08/05/2017

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