तकदीर नज़्म …………..मनिंदर सिंह “मनी”

बहकते है मेरे पाँव बहकने दे यार |
गिरता हूँ आज, मुझे गिरने दे यार ||

की मैंने महकशी बेइंतिहा बेहिसाब |
सरेआम हसरतो को बिखरने दे यार ||

कितनी बार मनाया था उसको |
उसकी जिद जाने की, जाने दे यार ||

इश्क मेरा जो हारा है तो दुनिया को |
दिल से ख़ुशियाँ आज मनाने दे यार ||

है “मनी” तकदीर मेरी, परवाने जैसी,
मेरी शम्मा पर पे मुझको जलने दे यार ||

मनिंदर सिंह “मनी”

14 Comments

  1. M Sarvadnya M Sarvadnya 12/08/2016
    • mani mani 13/08/2016
  2. C.M. Sharma babucm 13/08/2016
    • mani mani 13/08/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 13/08/2016
    • mani mani 13/08/2016
  4. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 13/08/2016
    • mani mani 13/08/2016
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 13/08/2016
    • mani mani 13/08/2016
    • mani mani 13/08/2016
  6. Saviakna Savita Verma 13/08/2016
    • mani mani 13/08/2016

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