“शान्ति वन”–शीतलेश थुल

शान्ति वन
कली कली खिलने लगी शान्ति वन में I
उमड़ के आया फिर से सावन शान्ति वन में II
चिडियों की चूं चूं , पवन की सरसराहट I
शोरगुल मचाने लगी इस उपवन में II
आज फिर मस्ती भरी है इस तन में I
कोई गीत गूंज रहा है मेरे मन में I
कली कली खिलने लगी शान्ति वन में II
शीतलेश थुल !!

9 Comments

  1. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 12/08/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 12/08/2016
  3. C.M. Sharma babucm 12/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 13/08/2016
  4. mani mani 12/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 13/08/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 12/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 13/08/2016

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