अहम…….सी. एम्. शर्मा (बब्बू) …

मैं
मेरा
ये सब
एक ऐसा
बिना रंग के
ये बिना रूप के
रगों में दौड़ता सा
अहम है जो हर पल
एक घुन की तरह अंदर
सब कुछ ख़तम कर रहा है
ऐसा दुःख जो नज़र नहीं आता
पर जितना बढ़ता उतना सताता है
जीवन का हर सुख चौपट कर जाता है

मैं
मेरा
अहम
जब जाता
तब भी दुःख
तन मन जलता
सब कुछ हर लेता
मोमबत्ती की तरह से
अंतःकरण पिघलता जब
तब रौशन होता है तन मन
खुद रोशन औरों को भी रौशन
दो पल ख़ुशी स्वाह हर पल रौशन
ज़िन्दगी ऐसे इंसान की हर पल अहम
हर रिश्ता जीवन का सुखमय हो जाता है

\
सी
एम्.
शर्मा
(बब्बू)
का प्रणाम
स्वीकार करें
नहीं भी करोगे
तो मुझे कुछ नहीं
करोगे तो बहुत कुछ
होगा जो बता नहीं सकता
हाहाहाहाहाहाहाहाहाहाहाहा

26 Comments

  1. mani mani 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  3. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  8. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/08/2016
  9. M Sarvadnya M Sarvadnya 12/08/2016
    • C.M. Sharma babucm 16/08/2016
  10. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/09/2016
    • C.M. Sharma babucm 13/09/2016
  11. Kajalsoni 17/09/2016
    • C.M. Sharma babucm 17/09/2016
  12. Kajalsoni 17/09/2016
    • C.M. Sharma babucm 17/09/2016

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