राहे अनजान ……

1-1

जिंदगी तमाम यूँ बसर हुई अपनी धर्म
मंजिल थी पास मगर राहो से अनजान !!

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—::डी के निवातिया ::—-

14 Comments

  1. mani mani 11/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
  3. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 11/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 11/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
  5. C.M. Sharma babucm 11/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 11/08/2016
  7. Kajalsoni 11/08/2016

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