मेरे सनम

मेरे ख्वाबो के जंहा में बसने वाले
रंगीन तितलियों के पंखो की तरह
ऐ खामोश आँखों में छिपे अश्को
मेरी सांसो ने तुम्हे ढूंढ ही लिया …

कोई जरिया तेरे गमो तक पहौंचे
मेरे होंठो की मुस्कराहट लिए …
तू हताश है बड़ा , है मुझे पता
बता में तुझे खुश करों भी तोह कैसे

जो किताब जमाने से लिखी है मैंने
तेरा जिक्र है जिसके हर पन्ने पर..
बता कैसे तुझे मैं बतलाओं ऐ मेरे सनम
तुझे ही खुदा का रूप दिया है मैंने

6 Comments

    • tamanna tamanna 10/08/2016
  1. mani mani 10/08/2016
    • tamanna tamanna 10/08/2016
  2. Kajalsoni 10/08/2016
  3. C.M. Sharma babucm 11/08/2016

Leave a Reply