स्मार्टफोन का युग -पियुष राज

स्मार्टफोन का युग

एक जमाना ऐसा था
जब नहीं था कोई फोन
बदल गयी पूरी दुनिया
जब से आया स्मार्टफोन

जब करनी हो
किसी से मुलाकात
चाहे दिन हो या रात
चाहे हो कितना भी दूर
फेस टू फेस होती है बात

फेसबुक और व्हाट्सऐप ने
कई रिश्तों को है जोड़ा
कभी-कभी तो इसने
कई रिश्तों को भी तोड़ा

स्मार्टफोन की दीवानगी
सब पे इस कदर है सवार
निगाहे रहती है फोन में तब भी
जब करते है सड़क पार

फोटो लेने का नया तरीका
है बेहद कमाल
सेल्फ़ी का अजब है पॉज
निकले होंठ और चिपटे गाल

एक जमाना ऐसा था
जब पूजा-पाठ से होती थी
दिन की शुरुआत
अब जमाना बदल गया है
फेसबुक,व्हाट्सऐप के मेसेज से
होता है सबका शुभ-प्रभात

देखना हो टीवी
या पढ़ना हो अखबार
सारी चीजें करने में
स्मार्टफोन है मददगार

दुनिया की पूरी जानकारी
एक फोन में है समाया
बदल गयी है पूरी दुनिया
जब से स्मार्टफोन है आया

पियुष राज,दुधानी, दुमका।
(Poem. No-24) 26/06/2016

3 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  2. babucm babucm 10/08/2016

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