ऐतबार ।

मैंने कहा, `आजकल, कोई बोझ नहीं है, ज़िंदगी पर,`
उसने मुस्कुराकर, मेरे कंधे पर, ऐतबार रख दिया…!

ऐतबार = भरोसा;
( किसीके विश्वास का बोझ सब से भारी होता है । )

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०६ अगस्त २०१६.
AITABAR

8 Comments

  1. mani mani 10/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 11/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 11/08/2016
  2. Kajalsoni 10/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 11/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 11/08/2016

Leave a Reply