दोस्ती कर..

ख़्वाहिशें भूल कर, ख़्वाबो से दोस्ती कर,
अँधेरे पास ना आएंगे, चरागों से दोस्ती कर |

घूमते हैं यहाँ ..नकाब पहने लोग,
तू दिल को देख न चेहरो से दोस्ती कर |

एक रोज छोड़कर सब कुछ, किसी बगीचे में जाके बैठ,
वहाँ फूलो से मिल, ख़ुशबुओं से दोस्ती कर |

तोड़कर बेड़ियाँ सारी, आसमानी होना है अगर,
परों की तम्मना छोड़, हौसलो से दोस्ती कर |

ढूंढ लेना जमीं तारे… जहाँ सारे ‘मोहन’ ,
माँ बाप सा न मिलेगा चाहे, कितनो से दोस्ती कर |

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11 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/08/2016
  2. mani mani 10/08/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  4. इंद्र प्रकाश 04/09/2016

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