पन्ने

किताबों के हर पन्ने पर
बस तेरा नाम पढता हूँ
बनते हो सहारा कुछ यूँ
जब जब याद करता हूँ

जज़्बातो के समंदर में
डूबना मुनासिब नहीं
पर ख्याल तो आने दो
इतना अधिकार तो रखता हूँ

2 Comments

  1. babucm babucm 09/08/2016
    • अभिनय शुक्ला अभिनय शुक्ला 09/08/2016

Leave a Reply