इलाज ।

मिटेगी नहीं ईज़ा कभी, आँख यूँ बंद कर लेने से,
ढूंढ़ना पड़ता है इलाज उसका, बड़ी बेरहमी से..!

ईज़ा = तक़लीफ़,परेशानी;
इलाज = उपचार;
बेरहमी = निर्दयता;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः २७ जुलाई २०१६.

IILAJ

6 Comments

  1. mani mani 09/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 10/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 10/08/2016
  3. mani mani 10/08/2016

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