आपकी तारीफ में

आपकी खिदमत में आज कुछ लिखूं जनाब,
ये कलम की चाहत और मेरे अरमान हैं..।
लगता है आज आपकी तारीफ में,
मेरे शब्दों का इम्तिहान है…।।

आपकी आंखों की बात करूं जनाब,
जो बिन बोले ही सबकुछ कह देती हैं..।
या आपकी जुल्फों की तारीफ करूं,
जिन पर ना जाने कितनी लड़कियां
मेरा दिल जलाती हैं..।।

होठों की बात करूं जनाब,
या इन पर आने वाली
कातिल मुस्कराहट की बात करूं,
जो ज्यादा देर मुझे आपसे नाराज नहीं रहने देती..।।

आपकी हिफाज़त में रहने वाली
नजाकत की तारीफ करूँ जनाब..!
या आपके क़दमों की उस आहट की बात करूं,
जो दूर से ही मुझे आपके आने का अहसास
करा देती है…।।

मेरे लफ्ज़ यही कहते हैं आपकी तारीफ में जनाब,
गिर से ऊंची है पहचान आपकी ..।
आपके आगे आपकी क्या तारीफ करूं,
जनाब शब्दों की कुछ कमी सी है मेरे पास
बस सच तो ये है जनाब आप मेरे हो,
इसीलिए तो दुनिया मुझसे जलती है…।।
-दीप्ति मिश्रा

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/08/2016
  2. C.M. Sharma babucm 08/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/08/2016
  4. Kajalsoni 08/08/2016

Leave a Reply