बचपना ।

बचपना छोड़ कर अब, सयाने हो जाओ ए जानम,
ऐसी दिल्लगी तो कभी,रब ने भी न कि हमारे साथ..!

सयाना = वयस्क;
दिल्लगी = मज़ाक;
रब = ख़ुदा;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १५ जुलाई २०१६.

BACHAPANA

6 Comments

  1. mani mani 07/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 08/08/2016
  2. mani mani 07/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 08/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 08/08/2016

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