“गहरा दर्द ” – – काजल सोनी

बेचैन करता रहा हर पल ,
दिल मुझे ,
तेरी एक मुलाकात के लिए ।
कशमोकश मे थी ,
शायद उस पल ,
जो समझ न सकी ,
ये जिंदगी दे जाती है बड़े गम ,
छोटी सी एक बात के लिए ।
उस वक्त इम्तिहानो मे ,
जीत जाती शायद ,
पीछे रह गयी ,
तो बस एक अल्फाज के लिए ।

तकदीर मे खुशिया लिखी थी मेरे ,
मै खुद ही मिटा बैठी ,
उनको ,
अपने ही जसबात के लिए ।
ख्वाबो मे तकदीर ,
बनाते बनाते ,
इस कदर चलती रही ,
अपने उलझे हुए उन ,
हालात के लिए ।
यु बिछड़ बिछड़ कर भी,
न मिल सकी उनसे ,
वो हमे अपनाते जरुर ,
पर अपना न सके ,
तो बस हमारे औकात के लिए ।।

“काजल सोनी “

29 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/08/2016
      • Kajalsoni 08/08/2016
      • Kajalsoni 08/08/2016
        • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/08/2016
          • Kajalsoni 08/08/2016
    • Kajalsoni 08/08/2016
      • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/08/2016
    • Kajalsoni 26/09/2016
  2. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 08/08/2016
    • Kajalsoni 08/08/2016
  3. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 08/08/2016
    • Kajalsoni 08/08/2016
  4. mani mani 08/08/2016
    • Kajalsoni 08/08/2016
  5. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 08/08/2016
    • Kajalsoni 08/08/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 08/08/2016
  7. Kajalsoni 08/08/2016
    • Kajalsoni 08/08/2016
  8. Saviakna Savita Verma 08/08/2016
  9. Kajalsoni 08/08/2016
  10. sarvajit singh sarvajit singh 08/08/2016
    • Kajalsoni 08/08/2016
  11. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 09/08/2016
    • Kajalsoni 09/08/2016
  12. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 09/08/2016
    • Kajalsoni 09/08/2016

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